क्या करते हैं लोग जब चली जाती है नौकरी - हेमा शर्मा


क्या करते हैं लोग जब चली जाती है नौकरी

कई बार सारा दिन ऑफिस में सही ढंग से काम करने के बाद अचानक शाम को नौकरी से जवाब मिल जाए, तो समझ में नहीं आता कि आखिर क्या किया जाए। ऐसा बहुत से लोगों के साथ होता है, क्योंकि नौकरी जितनी आसानी से मिलती है, उतनी आसानी से छूट भी जाती है, हालांकि नौकरी छूटने पर एक बार यूं महसूस होता है मानों हर राह बंद हो गई है, परंतु यदि ऐसे हालात जाएं तो लोग इस दौर से निकलने की अपेक्षा हालात को और ज्यादा मुश्किल बना लेते हैं, यदि आप चाहें तो कुछ बातों का ध्यान रख कर आसानी से इनसे बाहर निकल सकते हैं।

निराशा में डूब जाना

अचानक नौकरी चले जाने पर लोगों के दिल और दिमाग में निराशा बैठ जाती है, उन्हें लगता है कि अब सब खत्म हो गया, घर का किराया या लोन की किश्त, बच्चों की फीस, बिल्स, पैट्रोल एवं बाकी के खर्चे कहां से चलेंगे। इस निराशा के चलते बहुत से लोग तो डिप्रेशन में चले जाते हैं। यदि कभी ऐसी स्थिति आए तो खुद पर निराशा को हावी होने दें और तुरंत नई जॉब के लिए जुट जाएं।

कंपनी में ड्यूज क्लीयर करने में देरी

एक कंपनी में इतने साल तक नौकरी करने के बाद जॉब छूट जाने के बाद बहुत से लोगों का मन फिर से उस कंपनी या ऑफिस में जाने को नहीं करता, परंतु आपके कुछ ड्यूज जो कंपनी में पड़े हैं, सबसे पहले उन्हें क्लीयर करें। अपनी पुरानी कंपनी में जाएं और एचआर से सारी औपचारिकता पूरी कर के अपने पीएफ, मेडिक्लेम एवं लीव इन कैशमेंट आदि का सेटलमैंट करें, यकीन मानें ये पैसे इस मुश्किल की घड़ी में आपके बहुत काम आएंगे।

तनाव में चले जाना

नौकरी छूट जाने के बाद ज्यादातर लोग तनाव में रहने लगते हैं, ऐसे में तुरंत किसी मनोविशेषज्ञ के पास जाना चाहिए और उनसे अपनी स्थिति को सही-सही बयां कर देना चाहिए, ताकि जितनी जल्दी हो सके आप तनाव की स्थिति से बाहर निकल कर नए सिरे से अपनी जिंदगी जीना आरंभ कर सकें।

हालात से घबरा जाना

नौकरी छूटने पर हालात से घबराने की अपेक्षा रिलैक्स रहें, चाहें तो इस दौरान अपने शौक पूरे करें। डांस, स्विमिंग, सिंगिंग आदि की क्लासेस ज्वॉइन करें, इससे आप धीरे-धीरे नौकरी छूटने के ट्रॉमा से बाहर जाएंगे।

दोस्तों से बात करना

नौकरी छूटने के बाद हाथ पर हाथ रख कर बैठने और लोगों से कट कर रहने की अपेक्षा अपने आस-पास के लोगों, दोस्तों और रिश्तेदारों से अपनी जॉब के बारे में बात करें, हो सके तो सभी को अपना बायोडाटा दे कर रखें, आप क्या काम कर सकते हैं और कितनी सैलेरी चाहते हैं, यह भी बता कर रखें, ऐसे समय में दूसरों से संपर्क रखना आपके बेहद काम सकता है।

खुद से भरोसा उठ जाना

अक्सर नौकरी चले जाने के बाद लोगों का खुद से भरोसा उठ जाता है, ऐसे में नौकरी छूटने पर जहां मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है, वहीं स्वंय पर भरोसा रखना भी जरूरी है कि आज नहीं तो कल आपको नौकरी तो मिलनी ही जाएगी, फिर बेकार की चिंता करने से क्या फायदा, इससे आप अपने लक्ष्य पर ज्यादा फोकस कर पाएंगे।

खर्चों में कटौती करना

यूं नौकरी छूट जाने पर सबसे बड़ी परेशानी पैसों की होती है, क्योंकि हर महीने सैलरी के भरोसे हम अपने खर्चे बढ़ाते चले जाते हैं, जिनमें अचानक कटौती करना मुश्किल लगता है, परंतु हो सकता है कि नौकरी कुछ महीनों तक मिले सो जाहिर सी बात है कि आपकी आर्थिक स्थिति भी डांवाडोल हो जाएगी। ऐसे में किसी एक चीज पर रोक लगाने से अच्छा है कि आप अपने हर खर्च में कटौती करें, परंतु मूवी देखने, घूमने जाने एवं शॉपिंग इत्यादि पर पूरी तरह से रोक लगा दें।

पार्ट टाइम जॉब को दरकिनार करना

यदि आपको अभी कहीं मनचाही नौकरी नहीं मिल पा रही है, तो पार्ट टाईम जॉब के ऑप्शन को खुला रखें, इससे आपको इनकम तो होगी ही, साथ ही आप मार्केट में बने भी रहेंगे।

टिप्स

- बेकार घूमने से बचें।
- परिवार को इसके लिए दोष दें।
- नौकरी छोडऩे के बाद कभी भी उस कंपनी की बुराई करें।
- नौकरी छूटने पर डिप्रेशन में आने से बचें।

नई जॉब के लिए टिप्स

- अपना बायोडाटा अपडेट करें।
- नौकरी छूटने पर दुखी हो कर घर में बैठने की अपेक्षा दोस्तों, रिश्तेदारों और अपने पुराने सहकॢमयों से नई जॉब के बारे में बात करें।
- नौकरी दिलाने वाले प्रोफेशनल्स एचआर एवं कंसलटेंट से बात करें।
- यदि नौकरी को ले कर असमंजस में हैं, तो करियर काउंसलर से बात करें।
- नई नौकरी ज्वाइन करने से पहले सैलरी को लेकर फ्लैक्सिबल रहें, मन में सैलरी का पैमाना तय करें।
- आत्म विश्वास में कमी आने दें।
- नौकरी के प्रति हमेशा साकारात्मक नजरिया रखें।
हेमा शर्मा

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