ताकि बहकें न कदम - हेमा शर्मा


ताकि बहकें कदम

डेटिंग पीरियड या कोर्टशिप के दौरान अकसर ऐसे पल आते हैं, जब एक लडक़ी को यह साबित करना पड़ता है कि यदि वह अपने पार्टनर से प्यार करती है तो उससे नजदीकियां बढ़ा कर अपने प्यार को प्रमाणित करे। कई बार लड़कियां भावुक हो कर इस प्रकार की स्थिति से समझौता भी कर लेती हैं और वहीं उनसे गलती हो जाती है। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हर पहलू से इस तरह के समझौतों की कीमत लंबे समय तक चुकानी पड़ती है। इस तरह की स्थिति लगभग हर उस लडक़ी को फेस करनी पड़ती है जिसका शादी से पहले रिश्ता होता है। देखा जाता है कि उनका बॉयफ्रेंड उन्हें शारीरिक करीबियां बनाने के लिए इमोशनली ब्लैकमेल करता है, सो उनके शब्दों का अर्थ समझ कर उनके प्यार की गंभीरता का पहचानने का प्रयास करें, जिससे कि आप सही समय पर सही कदम उठा सकें।

रिश्तों की हद

हालांकि रिश्ते की हदों को तय करना आपका निजी मामला है और हर व्यक्ति अपनी हद को खुद निर्धारित करता है। हर वह काम जिसे दूसरों को बताने में आप शर्मसार महसूस करें वह आपकी हद के बाहर है। किसी के लिए हाथ पकडऩा हद के बाहर है, तो किसी कि हदें इन बातों से बहुत ऊपर होती है। आज के जमाने में बच्चे को-एजुकेशन में पढ़ते हैं, इस लिए लडक़े-लड़कियों का मिलना-जुलना या डेटिंग  पर जाना आम बात है, परंतु अपनी सीमा-रेखा एक लडक़ी को स्वयं ही तय करनी होगी तथा सख्ती से उसका पालन भी करना होगा।

शालीन रहें

यदि किसी कारणवश आपको ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े, जब आपका पार्टनर आपसे करीबियां बढ़ाना चाहे और आप असहज हों तो आपका सही ढंग से रिएक्ट करना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आपका रिएक्शन गलत हुआ तो आपका रिश्ता मुश्किल में सकता है। ऐसी संवेदनशील स्थितियों में सही प्रतिक्रिया देना भी जरूरी है। सही प्रतिक्रिया का अर्थ उसके सामने सरेंडर कर देना नहीं है और ही उस समय ओवर रिएक्ट करें। यदि आपका पार्टनर आपसे नजदीकियां बढ़ाना चाहे और आप असहज महसूस करें तो शुरूआत में ही उन्हें रोकें, इसके लिए आप उन्हें शालीन लेकिन स्पष्ट अंदाज में बता सकती हैं कि आप असहज हैं और सही समय पर ही आप रिश्ते को इस मोड़ पर ले जाना पसंद करेंगी। अगर आप अपने पार्टनर को नजदीक आते समय बुरी तरह झिडक़ दें या उन्हें खोने के डर से आप अपनी बात कह पाएं, तो यह और भी गलत हो जाएगा। इस लिए शालीन अंदाज अपनाना सबसे बेहतर ऑप्शन है।

अच्छी नहीं समय से पहले नजदीकी

समय से पहले यदि हदें पार की जाएं तो उसके तरह-तरह के नुकसान हो सकते हैं। समय का अर्थ यहां उम्र और रिश्ते के स्टेटस से है। अक्सर ऐसी अनचाही नजदीकियां अफसोस का कारण बन जाती हैं। आप हमेशा एक मानसिक डर की शिकार बनी रहती हैं कि यदि अब उसने आपको छोड़ दिया तो आपका क्या होगा। यदि आप पढ़ाई कर रही हैं तो इन सब बातों से आपकी एकाग्रता पर भी फर्क पड़ सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि लुका-छिपी वाले रिश्ते अकसर दूसरे रिश्तों को भी नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए इन स्थितियों से बचना बेहद जरूरी हो जाता है।
हेमा शर्मा

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