बदल रही है हाउस वाईफ अपनी इमेज - हेमा शर्मा

बदल रही है हाउस वाईफ अपनी इमेज 

माथे पर सिंदूर और बिंदिया, कलाई में ढेर सारी चूडिय़ां, पांवों में पायल छनकाते हुए सिर पर पल्लू रख कर घर का कामकाज करने वाली हाउस वाईफ अब मुश्किल से ही नजर आती है। अब वह घर को संभालने के साथ-साथ टू व्हीलर एवं फोर व्हीलर भी चलाती है। अब वह इंटरनेट पर अपने सारे काम भी निपटा लेती है, वह अपनी नौकरी पर भी जाती है या फिर अपने पति के कारोबार में हाथ बंटाती नजर आती है। हाउस वाईफ ने घर की चारदीवारी से बाहर कदम क्या निकाला कि उसकी इमेज ही बदल गई, अब वह सही मायनों में हाउस वाईफ या होम मेकर बन गई है तथा उसमें सोशल एवं मॉडर्न का कांबिनेशन नजर आने लगा है।

इन्फॉरमेशन रखती है

एजुकेटेड होने एवं संचार के विभिन्न साधनों के कारण वह पहले की अपेक्षा ज्यादा इन्फॉरमेशन रखने लगी है। देश से ले कर विदेश तक की खबरें, बाजार की हलचल, पड़ोस के हालचाल, सब्जियों से ले कर सोने तक के सब भाव उसे पहले के मुकाबले ज्यादा पता है। आज वह हर गतिविधि और चर्चा में बिना किसी हिचक के भाग लेती है और खुल कर अपने विचारों का प्रदर्शन भी करती है।

प्रेजेंटेबल लगने लगी है 

ऐसा नहीं है कि हर एक हाउस वाईफ  नौकरी या बिजनेस ही करने लगी है, बल्कि हाउस वाईफ होते हुए भी वह अपने पहनावे से ले कर बोल चाल तक के लहजे में ज्यादा स्मार्ट होने लगी है। दो बच्चों की मां हो कर भी वह मां जैसी नजर नहीं आती। अब वह प्रेजेंटेबल लगना जानती है तथा हर सिचुएशन में वह स्वयं को एडजस्ट कर लेती है।

हैल्थ कांशियस है

आज की हाउस वाईफ हैल्थ मैग्जीन पढ़ती है या फिर हैल्थ एप डाउनलोड कर उनकी मदद लेती है। अब वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ-साथ अपनी सेहत का ध्यान भी रखने लगी है। वह अपनी हैल्थ मैंटेन करने के लिए समय-समय पर कैल्शियम, थॉयराइड एवं शुगर के टेस्ट कराती है। वह मॉर्निंग वॉक ही नहीं करती, बल्कि योगा भी करती है और जिम भी जाती है, क्योंकि वह जान गई है कि खुद को सेहतमंद रख कर ही वह अपने परिवार का अच्छी तरह ख्याल रख सकती है तथा उन्हें स्वस्थ रख सकती है।

बिन्दास शॉपिंग करती 

आज हाउस वाईफ गेहूं से ले कर गोल्ड, साडिय़ों से ले कर दवाइयां, कार से ले कर फ्लैट की बुकिंग तक आसानी से कर लेती है, वह पर्सनली, ऑन लाईन एवं विंडो तक हर तरह की शॉपिंग करना जानती है। उसे क्वालिटी, कीमत एवं न्यू ट्रैंड्स सबकी जानकारी रहती है, इन सबके चलते उसे बेवकूफ बनाना अब दुकानदारों के लिए आसान नहीं रहा है, कुछ सालों तक वह केवल अपने पति के साथ ही शॉपिंग करने जाती थी तथा उसकी अपनी राय कोई खास मायने नहीं रखती थी।

हुई ज्यादा स्मार्ट

बदलते समय के साथ वह स्मार्ट होती जा रही है, सब्जी लाने से ले कर बच्चों को ट्यूशन छोडऩे तक, बिजली, पानी एवं फोन के बिल जमा कराने, फ्लैट की इंस्टॉनमैंट जमा कराने से ले कर कंप्लेट दर्ज कराने तक, पार्टी ऑर्गेनाइज करने से ले कर गेस्ट को इन्वाइट करने तक की हर एक्टीविटी में वह सक्रिय भूमिका निभाती है। पैरेंट-टीचर मीटिंग एवं हाउसिंग लोन मीटिंग आदि में वह हर काम में अपने साथी के बराबर हिस्सा ले रही है।

सोशल एवं मॉडर्न का कांबिनेशन

आज की हाउस वाईफ हर लिहाज से मॉडर्न और सोशल का कांबिनेशन है। वह देश-विदेश के मसले जानती भी है और उन पर चर्चा भी करती है, वह पर्यावरण की चिंता कर बच्चों को जागरुक करते हुए उसे बचाने को प्रेरित भी करती है। वह बिजली और पानी बचाना भी जानती है तथा पैट्रोल बचाने का प्रयास भी करती है। वह अपनी कंपनी के क्लाइंट से डील कर सकती है तथा बोर्ड मीटिंग भी अटैंड कर सकती है। अब वह स्मार्ट हाउस वाईफ होती जा रही है तथा उसके सामाजिक दायरे विस्तृत होने लगे हैं।

समय की मांग

छोटा परिवार होने से पति-पत्नी एक दूसरे के पूरक बन गए हैं। समय की मांग को देखते हुए तथा अपना सामाजिक स्तर सुधारने के लिए पति-पत्नी दोनों ही कमाते हैं तथा दोनों के कामकाजी होने से पूरे घर का ढर्रा बदल जाता है, दोनों के काम करने की भूमिकाएं भी सांझी हो जाती हैं।

नया सीखने को लालायित

हर पल कुछ नया सीखने की चाहत के मद्देनजर ही आज की हाउस वाईफ हर क्षेत्र में हाथ आजमा रही है, कुछ नया सीख रही है, स्वयं को बेहतर बनाने के लिए ही आज की हाउस वाईफ ने खुद को बदलना शुरू कर दिया है।
हेमा शर्मा

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