क्या ना करें जब चली जाए नौकरी (हेमा शर्मा )


हालांकि यह आर्टिक्ल हम पहले भी लगा चुके हैं, आज इसे फिर से लगाने की जरूरत हमें इसलिए महसूस हुई, क्योंकि कोविड-19 के चलते जो मंदी का दौर आया है, उसमें हजारों लाखों लोगों के साथ ऐसा हुआ है कि उनकी लगी हुई नौकरियां छूट गई हैं, आज कोई भी खुद को सेफ जोन में महसूस नहीं कर रहा है, क्योंकि सेफ जोन वाले लोगों को भी पता है कि वे कभी भी डेंजर जोन में आ सकते हैं। सारा दिन काम करने के बाद जब किसी को यह पता चलता है कि अब कंपनी को उसकी जरूरत नहीं है, तो उसे यह समझ में ही नहीं आता कि आखिर क्या किया जाए।

क्योंकि नौकरी जितनी आसानी से मिलती हैउतनी आसानी से छूट भी जाती हैहालांकि नौकरी छूटने पर एक बार यूं महसूस होता है मानों हर राह बंद हो गई हैपरंतु यदि ऐसे हालात  जाएं तो लोग इस दौर से निकलने की अपेक्षा हालात को और ज्यादा मुश्किल बना लेते हैंयदि आप चाहें तो कुछ बातों का ध्यान रख कर आसानी से इनसे बाहर निकल सकते हैं।

निराशा में डूब जाना

अचानक नौकरी चले जाने पर लोगों के दिल और दिमाग में निराशा बैठ जाती हैउन्हें लगता है कि अब सब खत्म हो गयाघर का किराया या लोन की किश्तबच्चों की फीसबिल्सपैट्रोल एवं बाकी के खर्चे कहां से चलेंगे। इस निराशा के चलते बहुत से लोग तो डिप्रेशन में चले जाते हैं। यदि कभी ऐसी स्थिति आए तो खुद पर निराशा को हावी  होने दें और तुरंत नई जॉब के लिए जुट जाएं। 

कंपनी में ड्यूज क्लीयर करने में देरी

एक कंपनी में इतने साल तक नौकरी करने के बाद जॉब छूट जाने के बाद बहुत से लोगों का मन फिर से उस कंपनी या ऑफिस में जाने को नहीं करतापरंतु आपके कुछ ड्यूज जो कंपनी में पड़े हैंसबसे पहले उन्हें क्लीयर करें। अपनी पुरानी कंपनी में जाएं और एचआर से सारी औपचारिकता पूरी कर के अपने पीएफमेडिक्लेम एवं लीव इन कैशमेंट आदि का सेटलमैंट करेंयकीन मानें ये पैसे इस मुश्किल की घड़ी में आपके बहुत काम आएंगे।

तनाव में चले जाना

नौकरी छूट जाने के बाद ज्यादातर लोग तनाव में रहने लगते हैंऐसे में तुरंत किसी मनोविशेषज्ञ के पास जाना चाहिए और उनसे अपनी स्थिति को सही-सही बयां कर देना चाहिएताकि जितनी जल्दी हो सके आप तनाव की स्थिति से बाहर निकल कर नए सिरे से अपनी जिंदगी जीना आरंभ कर सकें।

हालात से घबरा जाना

नौकरी छूटने पर हालात से घबराने की अपेक्षा रिलैक्स रहेंचाहें तो इस दौरान अपने शौक पूरे करें। डांसस्विमिंगसिंगिंग आदि की क्लासेस ज्वॉइन करेंइससे आप धीरे-धीरे नौकरी छूटने के ट्रॉमा से बाहर  जाएंगे।

दोस्तों से बात  करना

नौकरी छूटने के बाद हाथ पर हाथ रख कर बैठने और लोगों से कट कर रहने की अपेक्षा अपने आस-पास के लोगोंदोस्तों और रिश्तेदारों से अपनी जॉब के बारे में बात करेंहो सके तो सभी को अपना बायोडाटा दे कर रखेंआप क्या काम कर सकते हैं और कितनी सैलेरी चाहते हैंयह भी बता कर रखेंऐसे समय में दूसरों से संपर्क रखना आपके बेहद काम  सकता है।

खुद से भरोसा उठ जाना

अक्सर नौकरी चले जाने के बाद लोगों का खुद से भरोसा उठ जाता हैऐसे में नौकरी छूटने पर जहां मानसिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी हैवहीं स्वंय पर भरोसा रखना भी जरूरी है कि आज नहीं तो कल आपको नौकरी तो मिलनी ही जाएगीफिर बेकार की चिंता करने से क्या फायदाइससे आप अपने लक्ष्य पर ज्यादा फोकस कर पाएंगे।

खर्चों में कटौती  करना

यूं नौकरी छूट जाने पर सबसे बड़ी परेशानी पैसों की होती हैक्योंकि हर महीने सैलरी के भरोसे हम अपने खर्चे बढ़ाते चले जाते हैंजिनमें अचानक कटौती करना मुश्किल लगता हैपरंतु हो सकता है कि नौकरी कुछ महीनों तक  मिले सो जाहिर सी बात है कि आपकी आर्थिक स्थिति भी डांवाडोल हो जाएगी। ऐसे में किसी एक चीज पर रोक लगाने से अच्छा है कि आप अपने हर खर्च में कटौती करेंपरंतु मूवी देखनेघूमने जाने एवं शॉपिंग इत्यादि पर पूरी तरह से रोक लगा दें।

पार्ट टाइम जॉब को दरकिनार करना

यदि आपको अभी कहीं मनचाही नौकरी नहीं मिल पा रही हैतो पार्ट टाईम जॉब के ऑप्शन को खुला रखेंइससे आपको इनकम तो होगी हीसाथ ही आप मार्केट में बने भी रहेंगे।

टिप्स

बेकार घूमने से बचें।
परिवार को इसके लिए दोष  दें।
नौकरी छोडऩे के बाद कभी भी उस कंपनी की बुराई  करें।
नौकरी छूटने पर डिप्रेशन में आने से बचें।

नई जॉब के लिए टिप्स

अपना बायोडाटा अपडेट करें।
नौकरी छूटने पर दुखी हो कर घर में बैठने की अपेक्षा दोस्तोंरिश्तेदारों और अपने पुराने सहकर्मियों से नई जॉब के बारे में बात करें।
नौकरी दिलाने वाले प्रोफेशनल्स एचआर एवं कंसलटेंट से बात करें।
यदि नौकरी को ले कर असमंजस में हैंतो करियर काउंसलर से बात करें।
नई नौकरी ज्वाइन करने से पहले सैलरी को लेकर फ्लैक्सिबल रहेंमन में सैलरी का पैमाना तय  करें।
आत्म विश्वास में कमी  आने दें।
नौकरी के प्रति हमेशा साकारात्मक नजरिया रखें।

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