मेरी इस बात से तो आप भी सहमत होंगे कि जीवन में कल कभी नहीं आता अर्थात आप यदि यह सोचें कि कल आपको ये काम करना है, तो यकीन मानें कि आने वाले दिन में किसी अन्य काम या जिम्मेवारी को निपटाने में आप उलझ जाएंगी और जिस काम को करने का आपने सोचा है, वह बीच में ही रह जाएगा। यदि जीवन में आगे बढऩे की चाहत है, तो आज का काम आज ही निपटाने की आदत डालें, यदि आप उसे कल पर टाल देती हैं, तो वह यूं ही कई दिनों, हफ्तों या महीनों तक आगे ही चलता जाएगा और आप उसे कर नहीं पाएंगी।
यदि आपमें भी काम को कल पर टालने की आदत है, तो आप उसे आज ही बदल दें। आइए हम आपको बताते हैं कि किस तरह से लोग अपने किसी भी काम या नई योजना को कल पर टाल देते हैं।
मैं कल सुबह उठ कर पढ़ाई कर लूंगी।
मैं कल से एक्सरसाइज शुरू कर दूंगी।
मैं कल से टाईम पर उठूंगा।
कल से मैं अपने परिवार के लिए समय जरूर निकालूंगा।
हालांकि ये ऐसे वादे हैं, जिन्हें हम करते तो खुद से हैं, परंतु इनके पूरे न होने का असर दूसरों पर भी पड़ता है, क्योंकि आज कल में और कल फिर से आज में बदल जाता है और हम काम को फिर से आने वाले कल पर डाल देते हैं।
काम तो खुद ही करना है
जिन कामों को आपको खुद ही करना है, उन्हें इस तरह से टालते जाना केवल आपके आलसीपन को ही दर्शाता है। जरूरी है कि आप अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत बनाएं और काम को टालने की अपेक्षा आज ही पूरा करने का प्रयास करें, क्योंकि जीवन में निरंतर बदलाव होते रहते हैं और हमारे पास आज का दिन ही ऐसा है, जिसके बारे में हम जानते हैं आने वाले दिन के बारे में हमें पता ही नहीं होता कि वह कौन सा शैड्यूल लेकर आपके पास आने वाला है।
आधा घंटा ही निकाल लें
जिस काम को आप कल से शुरू करना चाहती हैं, उसके लिए ज्यादा नहीं बस आज के दिन में आधा घंटा ही अपने बिजी शैड्यूल में से निकाल लें और उस काम की शुरूआत कर लें, फिर भले ही आपने पढ़ाई का सोचा हो या फिर एक्सरसाइज शुरू करने का सोचा हो। आप उसे आज से ही आरंभ कर दें, आधे घंटे का सोच कर चलेंगी, तो यकीन मानें कि आप अपने काम को पूरा करके ही छोड़ेंगी और धीरे-धीरे वह काम आपकी रूटीन में जुड़ जाएगा और एक दिन आप उसमें कामयाबी भी पा लेंगी।
परिवार के साथ वक्त बिताना
यदि आप यह सोचती हैं कि अपने परिवार या बच्चों को आप कल से वक्त देना शुरू करेंगी, तो हो सकता है कि कल आपको कोई और काम पड़ जाए या फिर कोई मीटिंग ही निकल आए, ऐसे में आप उनके साथ वक्त नहीं बिता पाएंगी और उन्हें बुरा भी लगेगा।
जब सोच ही लिया है कि उनके साथ वक्त बिताना है, तो आज से शुरूआत कर दें, फिर भले ही आप उन्हें एक घंटा दें या फिर इससे ज्यादा वक्त बिताएं, इससे आपको और आपके परिवार एवं बच्चों को आपका साथ मिलने से खुशी होगी। परिवार के साथ वक्त बिताने का अर्थ यह नहीं कि आप उनके साथ कहीं बाहर ही जाएंगी, बल्कि आप घर पर भी बच्चों के साथ किसी खेल, एक्टीविटी में शामिल हो सकती हैं, बड़ों के साथ बैठ कर आप बातें कर सकती हैं या फिर घर के काम में उनका हाथ बंटा सकती हैं।

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