कॉर्पोरेट जगत में जहां हर कोई एक-दूसरे को नीचा दिखा कर खुद को बेस्ट साबित करने की कोशिश में लगा रहता है, वहीं एक-दूसरे के काम की आलोचना करना आम बात है। अत: अपने काम में मीनमेख निकाले जाने पर परेशान होने की अपेक्षा उसका सामना करना सीखें तथा प्रोफेशनल क्रिटीसिज्म को पॉजीटिव ढंग से लें। यदि बॉस भी आपके काम पर कोई कांमेंट करे तो उसे दिल से न लगाएं, क्योंकि उनका मकसद आपको नीचा दिखाना नहीं, बल्कि काम में सुधार देखना है।
आलोचना करें नजर अंदाज
जरूरी नहीं कि आपकी आलोचना करने वाला हर शख्स आपका शुभचिंतक हो या फिर वह अपने काम में प्रफैक्ट हो। बहुत से ऐसे लोग भी होते हैं, जो आपको परेशान करने या फिर नीचा दिखाने के लिए भी आपकी बुराई करते हैं, ऐसे में उन लोगों की बातों से दुखी होने की अपेक्षा उन्हें नजरअंदाज करना सीखें तथा अपने काम पर पूरी तरह से फोकस करें ताकि आप उसे प्रफैक्शन से पूरा कर पाएं।
अपनी गलतियां सुधारें
अपने काम की खुद ही समीक्षा करें, यदि आपको लगे कि आपसे कहीं कोई गलती हो रही है, तो उसे सुधारने का तरीका सुनिश्चित करें। अपने काम के स्तर में सुधार लाने के लिए अपने जैसे ही वर्क प्रोफाइल वाले दूसरे लोगों से मिलें तथा उनसे टिप्स लें और यदि जरूरत हो तो आप अपने काम से संबंधित नए कोर्स भी कर सकते हैं, जो कि आपके काम करने के तरीके को बदल देंगे।
क्रिटीसिज्म होता है अच्छा
ऐसा नहीं है कि हर बार क्रिटीसिज्म बुरा ही हो, कई बार सहयोगियों के क्रिटीसिज्म करने से हम अपनी उन खामियों को भी जानने लगते हैं, जिनके बारे में हमने कभी सोचा ही नहीं होता है, ऐसे में उन्हें दूर कर के हम अपनी करियर की राह को आसान बना सकते हैं।
जब बॉस हो जाए खिलाफ
यदि आपका बॉस आपके काम में बेवजह कमी निकालने लग जाए, तो समझ जाएं कि अब आपका बॉस आपके खिलाफ हो गया है। ऐसे में या तो आप दूसरी नौकरी की तलाश करनी शुरू कर दें या फिर कुछ ऐसा करें कि आप उनकी गुड बुक में शामिल हो सकें। यही नहीं बॉस जब यह कहे कि आपका प्रफॉर्मेंस संतोषजनक नहीं है, तो आप उनसे विनम्रता से पूछ सकते हैं कि आपसे कहां गलती हुई है, इससे आपको अपनी गलती का पता चल जाएगा और भविष्य में आप उसे दोहराने से बच जाएंगे ।
Awesome message. This gives you strengthen in coming months and years
ReplyDelete👍👍
ReplyDeleteYes very true
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