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| relationship/hema sharma |
हम अपनी जिंदगी में अनेक रिश्तों को बनाते हैं और अनेक रिश्तों को जीते हैं, कुछ रिश्ते हमें जन्म के साथ मिलते हैं, तो कुछ बाद में बनते हैं और कुछ रिश्ते दोस्ती के होते हैं। इन रिश्तों में कब और किस बात से दूरियां आ जाएंगी यह कोई नहीं जानता और वास्तव में देखा जाए, तो कोई भी रिश्ता अपने आप में प्रफैक्ट नहीं होता और कई बार यह समझ में ही नहीं आता कि इन्हें संभाला कैसे जाए।
How to save the Relationship
शादी के बाद अक्सर इस तरह की समस्या सामने आ जाती है, जो सास, ननद या जेठानी पहले बेहद खुले विचारों की और दोस्ताना
लगती हैं, वहीं कुछ देर बाद यह छवि बदल जाती है। यदि हम सोचने लगें कि आखिर कमी कहां है, तो आप को अहसास होता है कि दूसरे आप पर हमेशा हावी होने की कोशिश करते हैं, ऐसे में उन रिश्तों को आप चाह कर भी संभाल नहीं पाती हैं।
जब भी ऐसी स्थिति आए तो स्वयं से कुछ सवाल करें, क्योंकि आप दूसरों को जितना देती हैं, बदले में आप को उतना ही वापिस मिलता है।
प्यार बिना किसी शर्त के
रिश्ता कोई भी हो, उसका आधार प्यार ही होता है और यह भी सच है कि प्यार तो बिना किसी शर्त के ही किया जाता है।सामने वाला जैसा है उसे उसी रूप में प्यार करें। रिश्ते आप से प्यार, देखभाल, विश्वास और सम्मान मांगते हैं, किसी को अपना बनाने के लिए उसे समय भी देना पड़ता है। इसके बावजूद भी कभी-कभी रिश्तों में दरार पडऩे लगती है, तो किसी भी रिश्ते में दूरियां ज्यादा हो जाएं, उससे पहले स्वयं को भी तौल लें, क्योंकि रिश्तों की डोर बहुत ही नाजुक होती है, उन्हें दिल से अपनाएं और सामने वाले को भी वक्त दें कि वह आप को अपना सके।
How to save the Relationship
अपनी बात रखें
कई बार बहुत सी कोशिशों के बाद भी रिश्तों में वैसा सामंजस्य नहीं बैठ पाता, जैसा आप चाहती हैं, आप को सामने वाले से उतना प्यार या देखभाल नहीं मिल पाती, जितना आप अपनी तरफ से कोशिश करती हैं, तो किसी भी रिश्ते को तोड़ देने की जल्दबाजी न कर अपनी बात उनके सामने स्पष्ट रूप से रखें।
कई बार हम अपनी परेशानियों का जिक्र अपनी सहेलियों से हद से ज्यादा ही कर लेते हैं और नतीजा यह होता है कि उनकी सलाह मान कर हम अपने रिश्ते को तोडऩे की जल्दबाजी भी कर जाते हैं। इसके अलावा यदि पति-पत्नी के रिश्ते में परिवार हावी हो रहे हों, तो उस चीज को समझते हुए स्थिति को स्वयं ही संभालना सीखें, क्योंकि यह वह नाजुक रिश्ता है, जिसे बनने में वक्त लगता है।
भरोसा करना सीखें
यदि आप हर चीज को गहराई से समझने का प्रयास करें, ऐसा तो
नहीं कि शादी से पहले आप को मां-बाप ने कभी किसी बात पर टोका नहीं या आपको बुरा नहीं लगा फिर आपका अपने भाई-बहन से झगड़ा न हुआ हो और बाद में आप ने उन लोगों को मना न लिया हो। इसी तरह से दादा-दादी, नाना-नानी या अन्य रिश्तेदारों से भी तो मन-मुटाव हुआ होगा, परंतु आपने उस तरह से भी दिल पर नहीं लिया होगा जिस तरह से आप सास और ननद के साथ हुए मन-मुटाव को दिल पर ले लेती हैं। जैसे आप को उन पर यकीन था, वैसे ही इन रिश्तों पर भी भरोसा करना सीखें, यह रिश्तों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।
इज्जत देना सीखें
कुछ लोगों का मानना है कि जीवन साथी को हमारी हर बात माननी होगी या उसके जीवन से जुड़े हर मुद्दे पर निर्णय का अधिकार उन्हें ही मिल जाता है, जबकि ऐसा नहीं होता। आप जिससे प्यार करते हैं, उसे नजर अंदाज करने की अपेक्षा उसकी भावनाओं को सम्मान देना सीखें, नहीं तो दिलों के ये रिश्ते बिखर जाएंगे।
How to save the Relationship
विचारों का आदान-प्रदान
रिश्तों को बनाए रखने के लिए भावनाओं और विचारों का आदान-प्रदान होना बेहद जरूरी है, क्योंकि जिन रिश्तों में संवाद की कमी होती है, उनमें मतभेद बढ़ जाते हैं और रिश्ता एक दिन टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। ऐसे में जरूरी है कि अपनी खुशियां, अपने गम और अपने विचारों को अपने साथी के साथ सांझा करें और उसके भी दिल की बात को सुनने एवं समझने का प्रयास करें।
गुस्सा हो कंट्रोल में
कोई भी शख्स उस इंसान के साथ रहना पसंद नहीं करता, जिसमें कि बहुत ज्यादा गुस्सा हो, वास्तव में गुस्सा आप की कुंठा को दर्शाता है। यदि अपने किसी भी रिश्ते को टूटने से बचाना चाहते हैं, तो सबसे पहले खुश रहना और गुस्से पर कंट्रोल करना सीखें।
रिश्तों में गर्माहट
शादी के कुछ सालों बाद हर रिश्ते से गर्माहट खत्म होने लगती है, अपनी गृहस्थी और नौकरी में फंस कर हमारे पास रिश्तों को पहले की तरह जीने का न तो वक्त होता है और न ही उत्साह होता है और यही उदासीनता रिश्तों में दरारें ले आती है। सो अपने रिश्तों की ओवर हीलिंग करें। छुट्टी वाले दिन सबको अपने घर बुलाएं और पहले की तरह गप्पबाजी करते हुए वक्त बिताएं और सबकी पसंद का खाना बनाएं। जिन रिश्तों को ता-उम्र साथ चलना है, उनमें आई मतभेद की दरारों को जितना जल्दी भर लिया जाए, उतना ही अच्छा रहता है।
Hema Sharma

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