आज के दौर में हर दूसरा शख्स आपको किसी न किसी मानसिक परेशानी में उलझा हुआ नज़र आ जाएगा। हां, यह अलग बात है कि किसी कि परेशानी छोटी होती है तो किसी की बड़ी, मुश्किल तो तब आती है जब परेशानियां मानसिक तनाव का कारण बन जाती हैं। किसी को नौकरी का तनाव है तो किसी को व्यापार का, किसी को बच्चों की वजह से तनाव है तो किसी को जीवनसाथी के कारण तनाव है, किसी को मोहब्बत में धोखा मिलने की वजह से तनाव का सामना करना पड़ता है तो किसी को हेल्थ इश्यूज की वजह से तनाव हो जाता है अर्थात कारण कोई भी हो सकता है और कई बार तो हालत ऐसे हो जाते हैं कि किसी न किसी प्रोफेशनल से हेल्प लेने की जरूरत महसूस होने लगती है।
आप भले ही किसी भी मानसिक तनाव से क्यों न गुज़र रहे हों, परन्तु परिस्थितियों का अवलोकन तो आपको ही करना पड़ेगा और उनसे निकलने का प्रयास भी आपको ही करना होगा, क्योंकि तनाव का सागर इतना भी गहरा नहीं हो सकता कि उससे बाहर न आया जा सके। अपने इस लेख में हम आपको मैंटल हेल्थ केयर के कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं, जो कि आपके काफी काम आ सकते हैं।
कुदरत से जोड़ें
अपना रिश्ता
आपने अपने दादा-दादी या नाना-नानी से अक्सर सुना होगा कि उनके जमाने में स्ट्रेस का नामो-निशान भी नहीं था, उसका कारण यही था कि वे लोग घरों के बंद कमरों में बैठना पसंद ही नहीं करते थे, उन लोगों को पसंद था खुले उद्यानों में घूमना, किसी नदी या झील के किनारे टहलना, किसी पेड़ कि छाँव में बैठ कर दोस्तों संग गप्पें लड़ाना और पक्षियों को दाना डालते हुए उनकी कलरव का आनंद लेना। ऐसे में तनाव तो करीब आ ही नहीं सकता, यदि आपको भी कभी मानसिक तनाव महसूस हो तो कुदरत से अपना रिश्ता जोड़ लें।
दिन में एक समां
ऐसा भी निकालें जब आप कुदरत की सघन छाया में अपना वक़्त गुज़ार सकें, यदि दोस्तों का साथ मिले तो अच्छा है, नहीं तो अकेले ही निकल जाइये अपनी पसंदीदा जगह
की ओर… धीरे-धीरे अपने जैसे अनेक लोगों से मुलाकात
होगी तो दोस्ती भी होती चली जाएगी।
टिप्स
किसी पार्क में,
झील या नदी के किनारे जा कर ठंडी हवा के झोंकों
को महसूस करें और ताजी हवा को अपनी सांसों में उतर जाने दें। पक्षियों का कलरव
सुनें और उस संगीत को अपनी रूह की गहराइयों में उतरता हुआ महसूस करें। यकीन मानें
कुछ ही दिनों में आप स्वयं को तनाव से बाहर आता महसूस करेंगे।
Tips For Taking Care Of Mental Health
कैसे करें अपनी मैंटल हेल्थ की केयर
किसी का सहारा
बनें
जीवन में कितने भी बड़े तनाव का सामना क्यों न करना पड़े, उस समय अपने मन की दयालुता को जगाएं और किसी का सहारा बनने का प्रयास करें। आपको यह सुनने या पढ़ने में भले ही अजीब लग रहा होगा, परन्तु यह सच है कि अपना दुःख उसी समय तक ज्यादा लगता है जब तक हमने किसी और का दर्द सुना नहीं होता। ऐसे में आप किसी वृद्ध आश्रम या अनाथ आश्रम जा सकते हैं और उनका अकेलापन बाँट सकते हैं, किसी गरीब बच्चे को पढ़ा सकते हैं या किसी भी ऐसे संस्थान को ज्वाइन करें जहां आप अपनी सेवाएं उन्हें देकर उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकें। ये काम थोड़ा मुश्किल जरूर हो सकता है, परन्तु इसके परिणाम सकारात्मक ही निकलेंगे और जब हम दर्द बांटते हैं तो उस समय अपना दर्द या तनाव खुद ही हमसे दूर जाने लग जाता है।
टिप्स
किसी बुजुर्ग की सेवा करना या किसी बच्चे को कहानी सुनाना या फिर किसी की पढ़ाई में मदद कर उसके सपनों को साकार करने की कोशिश करना आपको अंदर तक सुकून से भर देगा और अपनी विषम परिस्थितियों से बाहर आने में आपकी मदद करेगा।
करें कुछ ऐसा जो
मन भाए
ये कतई जरूरी
नहीं है कि आप तनाव से मुक्ति पाने के लिए घर से बाहर ही रहें, आप घर पर रह कर भी तनाव से मुक्ति पा सकते हैं और अपनी मैंटल हेल्थ की केयर कर
सकते हैं। आप वह एक्टिविटीज करें,
जिन्हें करने में आप
एन्जॉय करते हों, आप कुकिंग कर सकते हैं, पेंटिंग कर सकते हैं, गार्डनिंग कर सकते हैं, डांस या योगा कर सकते हैं। अपना बनाया खाना जब आप अपनों को खिलाएंगे तो उनकी
तारीफ आपको प्रसन्नता देगी, इसी प्रकार आपकी पेंटिंग, आपका होम गार्डन देख कर भी लोग आपकी प्रशंसा ही करेंगे। डांस और योगा न केवल आपको खुशी देंगे, बल्कि आपको फिट भी रखेंगे।
टिप्स
हुनर कोई भी हो जीवन को एक अलग ही दिशा देता है और आपको अपने आगोश में इस तरह से समेट लेता है कि फिर कुछ और सोचने कि फुरसत ही नहीं देता, इसीलिए कहते हैं कि जीवन में आनंद से रहने के लिए एक हॉबी का होना बेहद जरूरी है।
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अपने बारे में पॉज़िटिव सोचें
ऐसा बहुत बार
होता है जब सोचते हैं कि हमारे साथ ही ऐसा क्यों हुआ ? इसका अर्थ ये नहीं कि हम में ही कोई कमी है, बल्कि ये सोचें कि ऐसा तो
किसी के साथ भी हो सकता था, ऐसे में बाहर निकलने का रास्ता भी हमें स्वयं
ही तलाशना होगा। सबसे पहले अपने स्ट्रेस को नाम दें अर्थात मुझे गुस्सा ज्यादा आता
है , मैं इन दिनों चिड़चिड़ा होने लगा हूँ / या होने लगी हूँ, मैं डरने लगा हूँ या मैं किसी भी बात पर रो उठती हूं। जब आप उन परिस्थितियों पर विचार करेंगे, जिनके कारण यह सब हो रहा है तो उनसे निकलना भी आसान हो जायेगा। आप जीवन का
मंत्र बना लें कि अब कुछ भी हो जाये पॉज़िटिव ही रहना है और किसी भी तरह के हालात
से नहीं घबराना है।
टिप्स
जब आप यह समझ
लेंगे कि दुनिया में आपसे बेहतरीन कोई नहीं है आप ही अपने लिए ' बेस्ट ' हैं तो यकीन मानें कि आप स्ट्रेस से बाहर आने
लगेंगे किसी योद्धा की तरह।
भावनाएं सांझा
करें खुद से या दोस्तों से
खुशी हो या
ग़म अपनी भावनाओं को सांझा करना सीखें। आप
अपनी भावनाओं को दोस्तों या परिवार के लोगों से सांझा तो करते ही हैं, परन्तु खुद से सांझा करना भूल जाते हैं। अब खुद से भावनाएं कैसे सांझा की जा
सकती हैं, तो सिंपल सा जवाब है कि डायरी लिखें या फ़ोन पर
उतारें, क्योंकि जहां दोस्तों से बात करके मन हल्का होता है, वहीँ डायरी के पन्ने पलटते हुए भी आप तनाव के अंधकार से बाहर निकलने लगते हैं।
टिप्स
जीवन के पल भले
ही एक समान न हों, परन्तु खट्टी-मीठी यादें जीवन जीने का सहारा
जरूर बन जाती हैं, कई बार दोस्त उन पलों को याद भले ही करते हों
परन्तु आपकी डायरी उन्हें आपके सामने साकार कर कभी हंसी ले आती है तो कभी हिम्मत
से पीठ थपथपा देती है।
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कैसे करें अपनी मैंटल हेल्थ की केयर
काम की बातें
* समय पर सोने की
आदत डालें, भरपूर नींद आपकी मैंटल हेल्थ को सही रखेगी।
* पौष्टिक आहार
लें और भरपूर पानी पियें।
* दोस्तों से एवं
अन्य लोगों से मिलते रहें, दूसरों से कट कर रहने से आपकी परेशानियां
सुलझेंगी नहीं, बल्कि और भी उलझ जाएंगी।
यूँ तो ये ऐसे टिप्स हैं जो आपकी मदद जरूर करेंगे, परन्तु यदि समस्या बढ़ी हो तो किसी प्रोफेशनल से कंसल्ट करना ही बेहतर है, ताकि बढ़ते स्ट्रेस को रोका जा सके और आप समय रहते ही उससे बाहर आ सकें।
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